Sad Shayari Photo

  • Post category:Shayaris

Sad Shayari Photo :-
थोड़ा सा ..छुप छुप कर खुद के लिये भी जी लिया करो,
कोई नही कहेगा कि थक गये हो आराम करों.


दस्तक और आवाज तो कानों के लिए है,
जो रुह को सुनाई दे उसे खामोशी कहते हैं.

उस आँसू का काम बड़ा मुश्किल था,
एक हंसी से गुज़रते हुए जाना था उसे.


ना बरसाओ यू मोहब्बत, बारिशो की तरह,
हम जो फिसल गए तो गजब होगा.

मुट्ठी दुआओं की,
माता-पिता ने,
चुपके से सिर पर छोड़ दी,
खुश रहो… कहकर.

और हम, नासमझ,
जिंदगी भर  मुक़द्दर का अहसान मानते रहे.

बहुत ग़ुरूर है दरया को अपने वजूद पर,
जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ.


ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी,
अब तो मौत भी नाराज़ हो गई है हमसे.

💕💕 तेज रफ्तार जिदंगी का आलम है दोस्तों …!
सुबह के गम भी शाम को पुराने लगते है….!!
💕💕 गैरों का हाथ पकड़कर चलना नहीं सीखा.

बहुत कुछ सीखा…लेकिन बदलना नहीं सीखा.

यादों में न ढूंढो हमे,
मन में हम बस जाएंगे,
तमन्ना हो अगर मिलने की,
तो हाथ रखो दिल पर,
हम धड़कनो में मिल जायेंगे.

इतनी बेरुख़ी हमसे ठीक नहीं जनाब,
काँटों के बीच ही महफूज़ रहते हैं गुलाब.

भुलाना और 👉 भूल जाना तो बस एक वहम है दिल ❤️️ का,
भला कौन निकलता है दिल से, एक बार ☝ बस जाने के बाद.

वफां-ऐ-दिल, कभी बाजार में नही मिलतें हैं,
जो शिद्दत से चाहें, जिंदगी में वो बार – बार नही मिलतें हैं.

मेरे लफ़्ज़ों की पहचान अगर वह कर लेता…..🌹
उसे मुझसे ही नहीं खुद से ही मुहब्बत हो जाती.

तुम नही समझोगो ……खैर जाने दो……!!
इश्क़ समझदारी से कुछ ऊपर का मसला है……!!

हमने सूखी हुयी साखों पे लहू छिड़का है.

फ़ूल अगर अब भी ना खिलते तो कयामत होती..

ज़िन्दगी से लम्हे चुरा,
बटुए मे रखता रहा.

फुरसत से खरचूंगा,
बस यही सोचता रहा.

उधड़ती रही जेब,
करता रहा तुरपाई,
फिसलती रही खुशियाँ,
करता रहा भरपाई.

इक दिन फुरसत पायी,
सोचा …….
खुद को आज रिझाऊं,
बरसों से जो जोड़े वो लम्हे खर्च आऊं.

खोला बटुआ..लम्हे न थे,
जाने कहाँ रीत गए !
मैंने तो खर्चे नही जाने कैसे बीत गए.

ध्यान से देखा बालों पे,
चांदी सा चढ़ा था,
था तो मुझ जैसा जाने कौन खड़ा था
.

Share this Sad Shayari Photo to Social Media.
You can also find us on TwitterFacebook and Instagram.

You May Like Best Love Quotes.
Sayri Ki DayriMarathi Shayari,
Pati Patni StatusDard Bhari Shayari,