Pati Patni Shayari

वो समझे या ना समझे मेरे जज्बात को मुझे तो मानना पड़ेगा उनकी हर बात को हम तो चले जायेंगे दुनिया से एक दिन मगर देख लेना वो सोंएगे अकेले हर रात को।

जाने क्यों हमें आंसू बहाना है आता जाने क्यों हालेदिल बताना नहीं आता क्यों साथी बिछड़ जाते है हमसे शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता।

प्यार क्या होता है हम नहीं जानते, अपनी ही ज़िंदगी को हम अपना नहीं मानते, गम इतना मिला है के अब एहसास नहीं होता, प्यार कोई करे हमसे तो हमें विश्वास नहीं होता।

सामने हो मंजिल तो कदम ना मोड़ना, जो दिल में हो वो खवाब ना तोडना, हर कदम पर मिलेगी कामयाबी आपको, सिर्फ सितारे छूने के लिए कभी जमीन ना छोड़ना।

खुशबू बनकर तेरी साँसों में शमा जायेंगे, सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जायेंगे, महसूस करने की कोशिश तो कीजिये एक बार, दूर रहते हुए भी पास नजर आएंगे।

मैं  चाहती  हूँ  तुम  पे सिर्फ  मेरा  हक़  हो

बहुत  बुरे  हो  तुम फिर  भी  तुमसे  अच्छा  कोई  नहीं  लगता

जिसने भर दिया दामन को बेरंग फूलों से उनके एक दर्द पर हम क्यों तड़पने लगते है.

तेरा रूठना भी इतना अच्छा लगता है, कि दिल करता है दिनभर तुझे छेड़ता ही रहूँ.

अपने  जैसी  कोई  तस्वीर  बनानी  थी  मुझे मेरे  अंदर  से  सभी  रंग  तुम्हारे  निकले.