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Hindi Poem

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    Table of Contents

    1) Hindi Poem

    hindi poem

    एहसास हे,
    छुकर जाती है जो हवा हमे,
    तुमको भी हा होगी ना…
    भिगो जाती है जो बारिश हमे,
    तुमको भिगाती होगी ना…
    याद आती है जो मुलाकाते हमे,
    बाते वो तुमको याद आती होगी ना..
    ख्वाबों की तपीश जलाती है हमे,
    तुमको भी जलाती होगी ना..
    महकाती है जो साँसे हमे,
    तुमको भी महकाती होगी ना…
    – निशा.

    Short Hindi Poem

    आजकल बस एक तेरा ही तो सहारा हे,
    तेरे सहारे ही तो इतना वक्त गुजारा हे,
    बड़ी कोशिशों से रखा हुवा हे साबुत तुझे,
    तेरे सहारे ही धड़क रहा ये,
    दिल हमारा हे.

    अनदेखा एक दुश्मन हे,
    जिससे लड़ रहे हे,
    घर पर ही बेकार बेकरार,
    पड़े पड़े सड़ रहे हे,
    जाने कहा से आ गया,
    जिंदगी में हमारे ये कोरोना,
    ओ प्यारी आशा,
    तेरे सहारे ही इससे लड़ रहे हे.

    Hindi Poem Lyrics

    पैसरा है सन्नाटा चारो ओर….
    सिर्फ कोरोना का चल रहा है शोर…
    जानलेवा वायरस ने ऐसा तांडव मचाया है…
    जालिंम ने कई जिंदगीयों को लिल लिया है …
    जीवन की हिफाजत मे कई जान गवां रहे है…
    खुद के परिवार की जान दांव पे लगा रहे है…
    कोई तो रोटी के लिए भी तरस रहे है…
    कोई नये पकवान बनाना सिख रहे है…
    कबतक तहलका मचायेगा ये कोरोना…
    क्या कोई कर पायेगा इसका सामक्षकः
    न जाने कब तक चलेगी ये महामारी*..
    कब कर पाएऐंगे हम उत्सव की तैयारी
    कैसे बताये मुखिया की कया है स्थिती ..
    ठाना है सब मिल के संभालेंगे देश की परिस्थिती …
    – निशा.

    कुछ पाने के लिये ,हॉसलों की उड़ान चाहिए,
    मे जिंदगी सफर हैं, मगर एक मकान चाहिए,
    सुकून दिल का हो और एक हमसफ़र हो साथ में ,
    जीने के लिए प्यार का बस एक पैगाम चाहिए.
    – कल्याणी तिवारी.

    वो रिमझिम सी बारिश में तेरा भीगकर आना,
    मेरी भीगी जुल्फों को संवारना ,धीमे से मेरे कानों में।
    अपनी बात कह जाना ,वो बचपन था बड़ा सुहाना,
    मैं भी इंतजार करती मुडेर पर ,क्या यही थे ? सुनहरे पल।
    – कल्याणी तिवारी.

    पढ़ते पढ़ते कभी कभी,
    यू ही किसी पेक्ति को ठहरकर,
    बार बार पढ़ा हे,
    और समय के उस लम्हे में पहुंचकर,
    उसे दुबारा महसूस किया हे,
    सवाल ये हे की,
    तुमने किसी किरदार को,
    अपने अंदर जिया हे??

    जिंदगी
    जिंदगी यादों की किताब होती है….
    कभी खुशनुमा ये ख़्वाब होती है
    तो कई दफा जानलेवा अज़ाब होती है
    जिंदगी एक जंग है…
    कभी तो सब संग है
    कभी हर लम्हा बेरंग है
    जिंदगी एक पहेली है….
    कभी तो हर तरफ उत्सव
    कई बार अकेली है
    जिंदगी एक एहसास है….
    कभी बूझ ना पाये वो प्यास है
    टूटे दिल की कोई आस है
    जिंदगी एक सफर भी है…
    सुख-दुख की डगर भी तो है
    जिंदगी एक वादा है…
    मुश्किलो मे जीने की अदा है
    कभी कम कभी ज्यादा है
    जिंदगी एक मुस्कान है…
    पल दो पल की ये मेहमान है.
    – निशा.

    2) Hindi Poems

    कौन हो तुम और क्यों आए हो,
    मेरे मन के वीराने मे,
    कुछ हासिल नही होगा,
    मेरे दिल के अफ़साने मे,
    जीवन संगीत नही है,
    मेरे जिंदगानी के गाने मे,
    पत्थर हो चुका है दिल,
    जज्बात नही बचे है सिने मे,
    सिख लिया है हुनर हमने,
    जख्म अपना छिपाने मे,
    रफ़ू करके अपने मुस्कुराहट को,
    हस देते है जमाने मे.
    – निशा.

    इम्तिहान
    जिंदगी मे वो मकाम आया है,
    हर रिश्ते ने हमे आजमाया है,
    कभी सब्र का कभी सहनशक्ती का,
    हर दिन इम्तिहान चल रहा,
    शायद चलेगा जबतक सांस चलेगी,
    सांस भी इम्तिहान ले की मानेगी,
    चलने दो आजमाईशों को,
    सांसों को चलने दों चलने दो,
    क्या कभी खतम होगा ये इम्तिहान ?
    या चलेगा यूँ ही जबतक है जान.
    – निशा.

    मेरी बेटी मेरी माँ बन जाती है,
    वह मेरी नटखट गुडिया है,
    मेरी बेटी मेरे ममता की दुनिया है,
    जब मै थोडी ही बिमार हो जाती हूँ,
    वह मुझे प्यार से दवा खिला देती है,
    जब मै उदास रहती हूँ,
    मेरी बेटी मुझे हंसाती है,
    मेरी बेटी मेरी माँ बन जाती है,
    अनमोल तोहफा ईश्वर का दिया,
    मेरी बेटी ने मुझे जो प्रेम किया,
    बेटी मिलती है तकदीर से,
    संवारो उसे बड़े ही प्यार से,
    मेरी बेटी मेरी माँ बन जाती है,
    जब मे होती हूँ निराश जिंदगी से,
    मेरी बेटी मेरा जहां बन जाती है,
    मेरी बेटी मेरी माँ बन जाती है.
    – निशा.

    इत्तीसी बात,
    कहने को तो सब है साथ,
    जिंदगी तनहा ही गुजरती है,
    बस इत्तीसी तो बात है,
    दिलासा सब देते है,
    दर्द तो खुद को ही सहना है,
    बस इत्तीसी तो बात है,
    कशमकश में जज्बात है,
    काबू मे नही हालात है,
    बस इत्तीसी तो बात है,
    हर लम्हे मे कई यादें है,
    होती अश्को से मुलाकात है,
    बस इत्तीसी तो बात है,
    – निशा.

    दर्द से बदला,
    दर्द से इसकदर हम बदला ले रहे है,
    तनहाई से ही दिल को बहला रहे है,
    यादों मे ही जी लेते है,
    अश्कों के जाम पी लेते है,
    जिंदगी का सताना हम सहे जा रहे,
    हम भी जिंदगी को आजमा रहे है,
    वक्त कर रहा है सितम,
    हम भी नही है कम.
    वक्त से ही अपने लढ़े जा रहे है,
    हर एक कदम आगे बढ़े जा रहे है,
    एक दिन ऐसा आयेगा जरूर,
    वक्त पे चढ़ेगा हमारा सुरूर,
    वक्त चलेगा हमारे साथ,
    ले के हमारा हाथो मे हाथ,
    उसी दिन का इंतजार किये जा रहे,
    दर्द से इसकदर हम बदला लिए जा रहे है,
    – निशा.

    टूटा दिल,
    एक टूटा हुआ दिल था,
    उसको ही जोड़ रखा था,
    फिर बेवफाई को पत्थर पड़े,
    दिल अब चकनाचूर हो गया,
    जोड़ रखा था जो बिखर गया,
    ऐसा बिखरा जुड़ना संभव नही,
    सभी टूकडे मिलना भी नामुमकिन है,
    टूटे दिल की बाकी चुभन है,
    शायद यही जीवन है.
    – निशा.

    दिल,
    दिल भी कितना नासमझ है,
    जो नही है उसे पाना चाहता है,
    जो मौजूद है उसे खोने से डरता है,
    दिल भी कितना बांवरा है,
    जो चला गया उसकी याद मे रोता है,
    जो हासिल है उसे नजरअंदाज करता है,
    दिल भी कितना आवारा है,
    सारा जग सोता रहता है,
    दिल न जाने कहां कहां सैर पर निकलता है,
    दिल भी कितना नादान है,
    पता है नही मिलना,

    दिल भी कितना डरपोक है,
    ख़्वाब अब नये सजाता नही,
    क्योंकि कोई ख़बाव पुरा होता नही,
    दिल कितना भोला है,
    हर किसी पर भरोसा करता है,
    टूटने पर फिर रोता फिरता है,
    दिल भी कितना जिद्दी है,
    हार तो कभी मानता ही नही,
    जैसे वह हारना जानता ही नही,
    दिल भी कितना बातूनी है,
    हर पल यह बकबक करता है,
    बेमतलब की बाते बोलता है.
    – निशा.


    काश मै तुमसे मिल पाता,
    काश मै तुमसे मिल पाता,
    जख़्म अपने फिर सिल पाता,
    मिल के तुमको तुमसे ही चुरा लेता,
    उतार के छबि तुम्हारी मन मे रख लेता,
    काश मै तुमसे मिल पाता,
    कुछ तुम अपना हाले-ए-दिल सुनाती,
    कुछ मै मेरी चाहत बताता,
    कुछ तुम मुझे जान पाती,
    कुछ मै तुमको समझ पाता,
    काश नै तुमको मिल पाता,
    तकदीर मे नही है मिलना हमारे,
    वक्त की है ऐसी अदा,
    इसलिए हो गए हम जुदा,
    काश वक्त हमपे मेहरबां होता,
    काश मै तुमसे मिल पाता,
    अगर देता समय साथ हमारा,
    तो तुम मेरी होती और,
    मै तुम्हारा कहलाता,
    काश मै तुमसे मिल पाता,
    – निशा.


    तेरी याद,
    गुजरते लम्हे के साथ तेरी याद आ रही है,
    भुलने के हर कोशिश के बाद आ रही है,
    धुंद सी छाई रहती है हरपल,
    अश्कों से भीगता रहता है आँचल,
    कर ले कितने भी लाख जतन,
    फिर भी उदास रहता है यह मन,
    काटे नही कटता है वक्त मेरा,
    जब से डाला है तेरी यादों ने डेरा,
    तनहाई मे हम खुद से बात करते है,
    पुरानी यादों से ही मुलाकात करते है,
    लम्हें बीत चुके है वक्त है की गुजरता नही,
    तकदीर पे हमारा कोई जोर चलता नही.
    – निशा.

    बप्पा है पधारे घर हमारे,
    मोहिनी है सुरत उनकी,
    दिखते है बड़े प्यारे प्यारे,
    बैठने के लिए है सिंहासन बनाया,
    रंगबिरंगे फुलों से है सजाया,
    अबीर गुलाल का तिलक लगायें,
    आनंदित होके मन हर्षायें,
    मुलायम और मीठे मीठे,
    भोग के लिए है लड्डू बनाये,
    ग्रहण कर के पूजा हमारी,
    बरसा दो हम पे कृपा ढेर सारी,
    नतमस्तक होके शिश नमाऊं,
    गणराया का मै आशिष पाऊं.


    चाँद
    चाँद से अब हम क्या क्या पूछे,
    चाँद के बारे मे क्या कुछ लिखे,
    बचपन मे मामा बनकर दिल बहलाता है,
    जवानी मे इश्क़ के नजारे दिखलाता है,
    चाँद की शीतल चाँदनी,
    कवि मन को बहुत भाती है,
    कलम उनसे प्रेमगीत लिखवाती है,
    चाँद की बातें चाँद की यादें,
    चाँद से ही करते है वादे,
    दाग है चाँद पर कहते है,
    आशिक अपनी माशूका के,
    मुखड़े को चाँद कहते है,
    उस पे हद तिल को जान कहते है,
    माशूका होती है आशिकों की लाईफ,
    इसी चाँद को ग्रहण समझते है,
    जब बन जाती है वह वाईफ.


    एक टूटा हुआ दिल था,
    उसको ही जोड़ रखा था,
    फिर बेवफाई को पत्थर पड़े,
    दिल अब चकनाचूर हो गया,
    जोड़ रखा था जो बिखर गया,
    ऐसा बिखरा जुड़ना संभव नही,
    सभी टूकडे मिलना भी नामुमकिन,
    टूटे दिल की बाकी चुभन है,
    शायद यही जीवन है.
    – निशा.


    छुकर जाती है जो हवा हमे,
    तुमको भी छुती होगी ना,
    भिगो जाती है जो बारिश हमे,
    तुमको भिगाती होगी ना,
    याद आती है जो मुलाकाते हमे,
    बाते वो तुमको याद आती होगी ना,
    ख्वाबों की तपीश जलाती है हमें,
    तुमको भी जलाती होगी ना,
    महकाती है जो साँसे हमे,
    तुमको भी महकाती होगी ना.
    – निशा.


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    February 2022.

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