Pati Patni Ki Shayari

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Pati Patni Ki Shayari :-
तुम से ही डरते है,
लेकिन तुम पर ही मरते हे,
तुम से ही है जिंदगी हमारी,
तुम ही हो हमें जान सी प्यारी.

जिंदगी तुम्हारे सिवा कटती नहीं,
तुम्हारी सब यादे दिल से मिटती नही,
तुम इस कदर बस गए हो मेरी आँखों में,
की अब इन निगाहो से तुम्हारी तस्वीर हटती नहीं.

मेरे लिए हर ख़ुशी का एक ही मतलब हे,
और वो हे तुम्हारा साथ होना.

Pati Patni Ki Shayari

रिश्ते में एक वक्त के बाद कोई भी दिल से हमारा अपना नहीं होता है,
चाहे जितना भी त्याग, परवाह, कदर और प्यार करो दिल से,
आजकल रिश्ते में प्यार नहीं रह गया है,
रिश्ते आजकल बस स्वार्थ और मतलब के ही रह गए हैं,
बस साथ रहता है नाम का, मगर सुकून नहीं रहता है.

अब छोड़ दो ये बहाने जो तुम रोज करती हो,
हमें अच्छे से मालूम हो गया हे,
मजबूरिया तभी आती हे,
जब मन भर गया हो.

Pati Patni Ki Shayari

Sad Shayari

मेने अपनी पत्नी का छोड़ दिया साथ,
तब से लग गयी मेरी वाट,
अब वापस चाहता हु में अपनी पत्नी को जल्दी से,
हे भगवान, अब तो वापस भरदे मेरे पत्नी के हाथ हल्दी से,
और मेरे भी किस्मत भरदे, मोतियों के झोलोसे.
– अंकुश बाला

Pati Patni Ki Shayari

पत्नी बोलती रही,
में सुनता रहा,
वो नाचती रही,
में देखता रहा,
इतना प्यार करती थी वो मुझसे,
की उसके मरने के बाद भी उसको में ढूंढ़ता रहा.
– अंकुश बाला

हर कोई कहता हे,
बीवी सिर्फ तकलीफ देती हे,
कभी किसी ने यह नहीं कहा की ,
तकलीफ में हमारा साथ भी वह देती हे.

Pati Patni Ki Shayari

नही चाहिए सोना चाँदी,
नही चाहिए मोतियों के हार,
चाहूँ तो बस इतना चाहूँ,
मेरे साजन बस थोड़ा सा प्यार.

पति पत्नी की शायरी

न जाने कौन सा विटामिन है तुझमे,
एक दिन याद न करू तो कमजोरी सी महसूस होती हे.

हम तुमसे लड़ते हे तो इसका ये मतलब नहीं की मुझे सारी शिकायते तुमसे हे,
बल्कि मेरी सारी उम्मीदें तुमसे हे.

Pati Patni Ki Shayari

हमारी जिंदगी ने,
बड़ा सबक सीखा दिया हमे,
रिश्ता सबसे रखो,
मगर उम्मीद किसी से भी मत रखना,
क्योंकि हमेशा अपने ही दिल दुखाते हे.

सुनो…तुझे पाना ही मेरी मोहब्बत नही,
तेरा एहसास भी मेरे जीने की वजह है.

Marriage
Pati Patni Ki Shayari

पति सुख तो अकेला काट लेता हे,
लेकिन दुःख में वो अपनी पत्नी को जरूर याद करता हे,
पत्नी दुःख तो अकेले काट लेती हे,
लेकिन सुख में वो अपने पति को जरूर याद करती हे.

पति पत्नी की शायरी

बहुत खुशनसीब होती है वो पत्नियां,
जिनके पति का मन उनके बिना एक पल भी नहीं लगता.

Pati Patni Ki Shayari

कहते हे की औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नहीं पूछनी चाहिए,
उसका कारण यही हे की औरत कभी अपने लिए नहीं जीती और पुरुष कभी अपने लिए नहीं कमाता.

पति – अगर में तुमसे कुछ मांगने को कहु तो तुम क्या मांगोगी ?
पत्नी – अगर कभी मेरी आँखों में आँसू आये तो उन आंसुओं की वजह आप कभी मत बनना.

Pati Patni Ki Shayari

पति पत्नी में संबंध मजबूत होना चाहिए, मजबूर नहीं.

पत्नी कभी पति के लिए समस्या नहीं होती,
पत्नी तो पति के सुख दुःख में साथी होती हे,
जिंदगी के ऐसे मोड़ पर भी जहा दूर दूर तक कोई साथ नहीं होता.

जवानी में आप अपनी पत्नी की इज्जत कर लीजिये,
बुढ़ापे में वह आपका बुढ़ापा सवार देगी,
क्योंकि बुढ़ापे में आपका बेटा या बेटी भले आपको साथ न दे,
पर आपकी पत्नी आपका मरते दम तक साथ निभाएगी.

खूबसूरत होते हे वो पल ,जब पलकों में सपने होते हे,
चाहे जितने भी दूर रहे, अपने तो अपने होते हे.

मुझे अच्छा नही लगता, मैं रोज़ खाना पकाती हू, तुम्हे बहुत पयार से खिलाती हूं, पर तुम्हारे जूठे बर्तन उठाना मुझे अच्छा नही लगता. कई वर्षो से हम तुम साथ रहते है, लाज़िम है कि कुछ मतभेद तो होगे, पर तुम्हारा बच्चों के सामने चिल्लाना मुझे अच्छा नही लगता, हम दोनों को ही जब किसी फंक्शन मे जाना हो, तुम्हारा पहले कार मे बैठ कर यू हार्न बजाना, मुझे अच्छा नही लगता. जब मै शाम को काम से थक कर घर वापिस आती हू, तुम्हारा गीला तौलिया बिस्तर से उठाना, मुझे अच्छा नही लगता. माना कि तुम्हारी महबूबा थी वह कई बरसों पहले, पर अब उससे तुम्हारा घंटों बतियाना, मुझे अच्छा नही लगता. माना कि अब बच्चे हमारे कहने में नहीं है, पर उनके बिगड़ने का सारा इल्ज़ाम मुझ पर लगाना. मुझे अच्छा नही लगता.

Pati Patni Ki Kavita

अभी पिछले वर्ष ही तो गई थी,
यह कह कर तुम्हारा,
मेरी राखी डाक से भिजवाना,
मुझे अच्छा नही लगता,
पूरा वर्ष तुम्हारे साथ ही तो रहती हूँ,
पर तुम्हारा यह कहना कि,
ज़रा मायके से जल्दी लौट आना,
मुझे अच्छा नही लगता,

तुम्हारी माँ के साथ तो,
मैने इक उम्र गुजार दी,
मेरी माँ से दो बातें करते,
तुम्हारा हिचकिचाना,
मुझे अच्छा नहीं लगता.
यह घर तेरा भी है हमदम,
यह घर मेरा भी है हमदम,
पर घर के बाहर सिर्फ,
तुम्हारा नाम लिखवाना,
मुझे अच्छा नही लगता.
मै चुप हूँ कि मेरा मन उदास है,
पर मेरी खामोशी को तुम्हारा,
यू नज़र अंदाज कर जाना,
मुझे अच्छा नही लगता.
पूरा जीवन तो मैने ससुराल में गुज़ारा है,
फिर मायके से मेरा कफन मंगवाना,
मुझे अच्छा नहीं लगता.
अब मै जोर से नही हंसती,
ज़रा सा मुस्कुराती हू,
पर ठहाके मार के हंसना,
और खिलखिलाना,
मुझे भी अच्छा लगता है.

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